आत्मनिर्भरता की मिसाल: लखीमपुर खीरी की सरिता सिंह ने रची सफलता की नई कहानी

आत्मनिर्भरता की मिसाल: लखीमपुर खीरी की सरिता सिंह ने रची सफलता की नई कहानी

Sarita Singh of Lakhimpur Kheri Scripts a New Success Story

Sarita Singh of Lakhimpur Kheri Scripts a New Success Story

लखनऊ। Sarita Singh of Lakhimpur Kheri Scripts a New Success Story, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प अब धरातल पर एक क्रांतिकारी बदलाव की कहानी लिख रहा है। सरकार की लोक-कल्याणकारी योजनाएं अब केवल फाइलों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि गांव-गांव पहुंचकर युवाओं को उद्यमी (Entrepreneur) बना रही हैं। इसी कड़ी में लखीमपुर खीरी की सरिता सिंह एक ऐसी मिसाल बनकर उभरी हैं, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी मेहनत और सरकारी सहयोग से सफलता का नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

साहस और सरकारी योजना का मेल

लखीमपुर खीरी के ग्राम बुझारी की रहने वाली सरिता सिंह ने साधारण पृष्ठभूमि से होने के बावजूद कुछ बड़ा करने का सपना देखा था। उनके इस सपने को उड़ान मिली केंद्र और राज्य सरकार की साझा पहल ‘प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम’ (PMEGP) से। योजना के अंतर्गत 25 लाख का ऋण लेकर सरिता ने अपनी खुद की 'ऑयल मिल' (तेल कोल्हू उद्योग) की शुरुआत की। आज वह आधुनिक तकनीक का उपयोग कर प्रतिदिन 12 क्विंटल शुद्ध सरसों तेल का उत्पादन कर रही हैं और उसे सफलतापूर्वक बाजार तक पहुंचा रही हैं।

रोजगार देने वाली बनीं सरिता

सरिता सिंह की यह उपलब्धि केवल उनकी व्यक्तिगत आय तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्होंने 'जॉब सीकर' के बजाय 'जॉब क्रिएटर' की भूमिका निभाई है। उनके इस लघु उद्योग ने गांव के ही 27 लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्रदान किया है, जिससे कई परिवारों का चूल्हा जल रहा है। आज सरिता हर महीने लगभग 1 लाख की शुद्ध आय अर्जित कर रही हैं। उनकी यह सफलता मुख्यमंत्री के ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ के उस विजन को पुख्ता करती है, जहां युवा स्वयं के पैरों पर खड़े होकर राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रहे हैं।

क्या है PMEGP योजना?

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय द्वारा संचालित एक अत्यंत प्रभावशाली क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के पारंपरिक कारीगरों और बेरोजगार युवाओं को अपना सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने के लिए बैंक ऋण के साथ-साथ 'मार्जिन मनी' सब्सिडी प्रदान करना है। यह योजना वित्तीय सहायता सुनिश्चित कर युवाओं के स्वरोजगार के मार्ग को प्रशस्त करती है।